स्वचालित डीएनए सीक्वेंसिंग Back

यह सुविधा मेसर्स एप्लाइड बायोसिस्टाम्स, यूएनए द्वारा निर्मित दो डीएनए अनुक्रमक (माडल 3730) आधारित स्वचालित कैपिलरी अरे युक्त हैं, जिससे फ्लुओरेसेंटली लेबेल्ड डीएनए अणुओं का विश्लेषण किया जाता है । इस वर्ष के दौरान, हाईथ्रुपुट अनुप्रयोगों के लिए इस सुविधा को दूसरे डीएनए अनुक्रमक (माडल 3730XI) द्वारा अपडेट किया गया है । 

ये प्रणालियां एक साथ 96/48 नमूनों का अनुक्रमण करने में सक्षम हैं, जिसमें 96/48 कैपिलरी अरे का इस्तेमाल होता है । इस कैपिलरी अरे में अनुक्रमण एवं जीनोटाइपिंग दोनों कार्यों को एक साथ किया जा सकता है । सभी माडलों में एक आर्गन आयन लेजर एक्ससाइटेशन स्रोत एवं 5 फ्लुओरेसेंट डाइज का साथ-साथ पता लगाने 96/384 वेल प्लेट्स नमूनों को 96/48  कैपिलरीज के एक अरे पर रोबोटिक्स का इस्तेमाल करने द्वारा स्वचालित रूप से लोड किया जाता है । 24 घंटे में 700 बेसों की औसत रीड लेंथ के साथ 2300 से अधिक नमूनों को अनुक्रमित किया जा सकता है । फ्रगमेंट एनालिसिस एप्लीकेशंस के लिए थ्रुपुट एक दिन में लगभग 38000 जीनोटाइप की होती है । 36 एवं 50 से.मी. के विविध आकार वाली इन कैपिलरी अरे की रीड लेंथ 500 bp से  800 bp तक होती है । इंटीग्रेटेड बिल्ट इन आटो सैम्पलर, सैम्पल प्लेट स्टैकर एवं बार कोड रीडर से पूर्ण स्वचालन एवं आसान सैम्पल ट्रैकिंग संभव होता है ।
इन कैपिलरी डिटेक्शन, ड्यूअल साइड इलुमिनेशन एवं बैकसाइड थिन्न्ड सीसीडी जैसी विशेषताओं से एक ही तरह के संकेत एवं उच्च आप्टीकल संवेदनशीलता प्राप्त होती है जिनके फलस्वरूप डीएनए खंडों का सटीक व किफायती विश्लेषण होता है । इस सुविधा में सीक्वेंस एनालिसिस, जीनोटाइप, SeqScape, एवं आटो असेम्बलर आदि जैसे साफ्टवेयर भी हैं ।

अधोगामी आंकड़ा विश्लेषण के लिए नेटवर्क से एक साथ जुड़े कई आईबीएम एवं मैसिन्टोश कम्प्यूटर इस सुविधा में उपलब्ध कराए गए हैं । सभी साफ्टवेयर के लाइसेंस वर्जन इन प्रणालियों में उपलब्ध हैं और आंकड़ों को डाउनलोड करने व उनका विश्लेषण करने क लिए कम्प्यूटरों को नियंत्रित करने हेतु ये नेटवर्क से जुड़े रहते हैं ।


डीएनए अनुक्रमण : फ्लुओरेसेंटली-लेबेल्ड डाई टर्मिनेटर साइकिल सीक्वेसिंग किट्स के इस्तेमाल करने द्वारा क्लोन एवं पीसीआर उत्पादों को अनुक्रमित किया जा सकता है । सहायक साफ्टवेयर की मदद से इन प्रणालियों द्वारा प्वाइंट म्यूटेशन /बेस सब्सटीट्यूशन हेट्रो जाईगोट एवं हेट्रोप्लाज्मी (mtDNA के मामले में) का पता लगाया जा सकता है । इस अनुक्रमण सुविधा ने मानव आनुवंशिक विविधता, पौधे, पशुओं, सूक्ष्मजीवों एवं आनुवंशिक विकारों आदि से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए योगदान दिया है ।

जीन स्कैन विश्लेषण: फ्लुओरेसेंट के लेबेल सहित पीसीआर प्राइमर जोड़ों में से एक जोड़े वाले एक सिंगल कैपिलरी में 16 पीसीआर (एसटीआर) उत्पादों तक का परीक्षण किया जा सकता है । जीन स्कैन विश्लेषण से जिन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण मदद मिलती है वे हैं (अ) आपराधिक चिकित्सा : एसटीआर की मदद से व्यक्ति विशेष की पहचान (आ) वन्यजीव अपराध (इ) जनसमूह का अध्ययन : एसटीआर की मदद से दो जनसमूहों के बीच एवं एक जनसमूह में पाई जाने वाली आनुवंशिक परिवर्तनीयता का अध्ययन (ई) चिकित्सा अनुप्रयोग : ट्राईन्युक्लियोटाइड रिपीट एक्सपेंशन से संबंधित आनुवंशिक विकारों की रिपीट लेंथ की पहचान (उ) डीएनए मार्करों का विकास, निर्दिष्ट रूप से जानवरों एवं पौधों के लिए एसटीआर (ऊ) एम्प्लीफाईड फ्रगमेंट लेंथ पॉलीमार्फिज्म (एएफएलपी) : फ्लुओरेसेंट लेबेल वाले प्राइमरों की मदद से पौधों एवं जानवरों में आनुवंशिक मैपिंग एवं लक्षणांकन के लिए व्यापक पैमाने पर प्रयोग किया जाता है ।


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