आनुवंशिक परामर्श Back

जीन में उत्पन्न दोषों के द्वारा कई रोग विषयक अवस्थाओं का पूर्वानुमान लगाया जाता है, उनमें से कई कारणात्मक प्रकृति की होती हैं जबकि अन्य अवस्थाओं का इन अवस्थाओं के लिए बढ़े हुए खतरे के लिए पूर्वानुमान लगाया जाता है । चूंकि आनुवंशिक विकार सामान्यत: असाघ्य होते हैं, इसलिए अगली पीढ़ी में इनको जाने से रोकना और इनके विकास की रोकथाम ही सर्वोच्च विकल्प है । आनुवंशिक परामर्श देने द्वारा सीसीएमबी में चिकित्सीय पूर्व-विवरण, एवं वंशावली विश्लेषण एवं अतिरिक्त जानकारी के आधार पर किसी रोग विषयक अवस्था की आनुवंशिक प्रकृति को निर्धारित करने में सहायता देने के साथ-साथ रोग की चिकित्सीय अवधि, रोग के बढ़ने एवं संचरण की संभावना, वह तरीका जिससे  रोग की अवस्था में सुधार लाया जा सके या इसे रोका जा सके, गर्भावस्था से पूर्व जांच एवं प्रसव पूर्व परीक्षण संबंधित जानकारी भी दी जाती  है ।    

  • परीक्षणों की सूची एवं आम जानकारी [ संशोधित प्रभार 01-12-2014 से ]
  • रोगी सूचना पत्र
  • आनुवंशिक निदान के लिए सहमति प्रपत्र
  • पूर्वानुमान संबंधी निदान के लिए सहमति प्रपत्र
  • प्रसव पूर्व निदान के लिए प्रपत्र -जी

उपयोगी संपर्क संबंधित संपर्क परिसर
कापीराइट 2010 सीसीएमबी,उप्पल रोड,हैदराबाद 500007, तेलंगाना