ट्रांसजेनिक प्रौद्योगिकी Back


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार द्वारा ट्रांसजेनिक एवं जीन नॉक-आउट माइस के लिए एक राष्ट्रीय सुविधा की स्थापना सीसीएमबी में निम्नलिखित उद्देश्यों को लेकर की गई है :

  • मानव बीमारियों से संबंधित ट्रांसजेनिक तथा नॉक-आउट चूहों के नमूनों को, जहाँ कहीं से भी वे उपलब्ध होते हैं उनका क्रय करना और उनका रखरखाव करना एवं दवा परीक्षण के दौरान सहयोग देते हुए विशेषज्ञता उपलब्ध कराना ।
  • वर्तमान में मौजूद ट्रांसजेनिक एवं नॉक आउट चूहों के नमूनों का प्रजनन कराना ।
  • ट्रॉसजेनिक एवं जीन नॉक आउट तकनीकों का विकास ।
  • मानव बीमारियों से संबंधित नये ट्रॉसजेनिक एवं जीन नॉक आउट  चूहों के नमूनों का विकास ।


ट्रॉसजेनिक एवं जीन नॉक आउट चूहों को उत्पन्न करने के लिए एक आधुनिक चूहा सुविधा में ट्रॉसजेनिक चूहे एवं अन्य परीक्षणात्मक चूहे की नस्ल उपलब्ध रहनी चाहिए । इस चूहा आनुवंशिकी प्रयोगशाला में भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं के संवर्धन के लिए सर्व सुविधायुक्त अवसंरचना, भ्रूणों का हिमसंरक्षण, भ्रूणों का माइक्रो-मेनीपुलेशन, प्राणी शल्य चिकित्सा, ट्रॉसजीनों एवं जीन- नॉक आउट वेक्टरों का निर्माण, ट्रॉसजेनिक एवं नॉक आउट चूहों की पहचान एवं जीन अभिव्यक्ति का विश्लेषण शामिल हैं ।

सीसीएमबी में जारी शोध परियोजनाओं तथा अन्य संगठनों के सहयोग से हम सामान्य तौर पर स्तनधारी जीनों के प्रकार्यों को निरूपित करने के लिए एवं जीन अभिव्यक्ति के विनियमन को समझने हेतु चूहों के अंडों में डीएनए के माइक्रोइंजेक्शन का प्रयोग और ट्रॉसजेनिक एवं जीन नॉक आउट चूहों को पैदा करने हेतु चूहे की भ्रूणीय स्टेम कोशिकाओं में आनुवंशिक फेरबदल करते हैं।

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