आण्विक निदान Back
हमारे शरीर में होने वाले आनुवंशिक विकारों को  किसी एक जीन में उत्पन्न दोषों का परिणाम माना जाता है । यद्यपि संक्रामक बीमारियों की तुलना में आनुवंशिक विकार अत्यंत कष्टकारी होते हैं, क्योंकि वे हमारे जीवन में आगे विकसित हो सकते हैं और आमतौर पर असाध्य होते हैं । विशिष्ट उपचार की अनुपलब्धता में इन विकारों की जाँच के लिए आणविक निदान, वाहकों की पहचान, आनुवंशिक परामर्श, गर्भावस्था पूर्व मानीटरन, अंग प्रत्यारोपण पूर्व आनुवंशिक परीक्षण एवं प्रसवपूर्व परीक्षण किया जाना सबसे अच्छे तरीके हो सकते हैं, जिससे इन विकारों को अगली पीढ़ी में जाने से रोका जा सकता है । सीसीएमबी द्वारा लगभग 30 प्रकार के ऐसे एक वंशीय विकारों के परीक्षण हेतु आनुवंशिक नैदानिक  सेवाएं  उपलब्ध कराई जाती हैं । इस कार्यनीति के अंतर्गत 'प्रोबैण्ड' के अन्दर कारण आनुवंशिक विकार की पहचान परिवार में वाहक स्थिति के लिए परिवार के सदस्यों की जांच, भ्रूण के नमूनों (गर्भावस्था की उपयुक्त अवस्था पर अस्पतालों से प्राप्त) का प्रसवपूर्व परीक्षण कर भ्रूण में वंशानुक्रम के आनुवंशिक दोषों का पता लगाना एवं आनुवंशिक परामर्श प्रदान करना शामिल है ।

अभी तक कई बीमारियों का परीक्षण किया गया है जिनमें से हीमोग्लोबिनोपैथीज, मस्कुलोपैथीज, रक्तस्राव एवं रक्त जमने संबंधी विकार तंत्रिका अपक्षयी बीमारियाँ शामिल हैं ।
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